मां अम्बे भजन
🌺 भोर भया दिन चढ़या – माँ अम्बे भजन 🌺
🔆 Lyrics (भजन के बोल)
भोर भया दिन चढ़या, मेरी अम्बे
तेरा भजन करूँ, माँ तेरा भजन करूँ॥
सुख सम्पत्ति घर में आये,
संकट दुख सब मिट जाए।
तेरे चरणों में मन रमूँ,
माँ तेरा भजन करूँ॥
भोर भया दिन चढ़या, मेरी अम्बे
तेरा भजन करूँ, माँ तेरा भजन करूँ॥
तेरे मंदिर की रौनक न्यारी,
माँ ज्योत जले अखण्ड हमारी।
भक्ति में लीन हो जाऊँ,
माँ तेरा भजन करूँ॥
भोर भया दिन चढ़या, मेरी अम्बे
तेरा भजन करूँ, माँ तेरा भजन करूँ॥
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🌼 भजन का अर्थ (भावार्थ)
"भोर भया दिन चढ़या..." → जब नया दिन शुरू होता है, भक्त सबसे पहले माँ अम्बे का स्मरण करता है।
"सुख सम्पत्ति घर में आये..." → माँ की भक्ति से घर में सुख-समृद्धि आती है और दुख-संकट दूर हो जाते हैं।
"तेरे मंदिर की रौनक न्यारी..." → माँ का मंदिर अद्भुत प्रकाश और भक्ति से भरा है। अखण्ड ज्योति भक्त की श्रद्धा का प्रतीक है।
"भक्ति में लीन हो जाऊँ..." → भक्त चाहता है कि उसका मन हमेशा माँ के चरणों में लीन रहे।
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🌟 महत्व
यह भजन सुबह के समय गाया जाता है।
इसे गाने से दिन की शुरुआत शांति, भक्ति और सकारात्मक ऊर्जा से होती है।
माना जाता है कि नियमित गान से घर-परिवार में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहती है।
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