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Shiv भजन

 . Shiv भजन Om Namah Shivaya Om Namah Shivaya Om Namah Shivaya Bholenath Shambhu Shankar Om Namah Shivaya

Durga भजन

 . Durga भजन Jai Ambe Gauri Jai Ambe Gauri, Maiya Jai Shyama Gauri Tumko Nishdin Dhyan Dhari, Tumko Nishdin Dhyan Dhari Om Jai Jagdish Hare Om Jai Jagdish Hare Swami Jai Jagdish Hare Bhakt Jano Ke Sankat Durbal Kano Ke Sankat Kshan Mein Door Kare

Radhe Krishna भजन

 1. Radhe Krishna भजन Radhe Radhe Radhe Shyam Radhe Radhe Radhe Shyam Shyam Teri Bansi Madhur Baje Radhe Radhe Radhe Shyam Krishna Govind Hare Murari Krishna Govind Hare Murari He Nath Narayan Vasudeva

दीप जले मन खिल उठे

  भजन का नाम: “दीप जले, मन खिल उठे” भजन: दीप जले घर-घर, खुशियाँ आयें संग-संग। माँ दुर्गा की कृपा से, हर दुख दूर हो अंग-अंग। सुर में गाओ: शक्ति माँ, ओ माँ दुर्गा, हम पर अपनी छाया रखो। खुशियों की बहार लाओ, हर दिन दीपक सा चमकाओ। रंग-बिरंगे फूल खिले, मिठास घर-घर फैले। संग-संग गाएँ हम भजन, खुशियाँ दिल में बसेले। शांति, प्रेम, और आनंद से, घर-आँगन महके सदा। माँ के चरणों में शीश नवाएँ, दीपावली‑नवरात्रि में हम गाएँ यह गान सदा। क्लाइमेक्स/अंतिम लाइन: जय माँ दुर्गा, जय माँ लक्ष्मी, खुशियों की ये बौछार सदा बनी रहे। --- 💡 टिप्स इसे और प्रभावशाली बनाने के लिए: 1. रिदम: तेज और उत्सवमय — घर में गूँजने वाला। 2. संगीत: ढोलक, मृदंग या हल्के हारमोनियम के साथ। 3. उच्चारण: हर लाइन को स्पष्ट और जोर से गाओ, ताकि उत्सव का आनंद महसूस हो।

मां लक्ष्मी भजन

 --- 🌸 माँ लक्ष्मी भजन ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता   सुख संपदा के दाता, मैया जय लक्ष्मी माता ॥   ॐ जय लक्ष्मी माता...   धन धान्य की कृपा करो, हम सब पर दया करो   संकट हरि दूर करो, मैया जय लक्ष्मी माता ॥   ॐ जय लक्ष्मी माता...   सिंहासन पर विराजे, रत्न भंडार संवारे   हम सब पर कृपा कर, मैया जय लक्ष्मी माता ॥   ॐ जय लक्ष्मी माता...   सभी घरों में बसा करो, सुख-शांति लाओ   भक्तों की सुनो मनोकामना, मैया जय लक्ष्मी माता ॥   ॐ जय लक्ष्मी माता...

राधे कृष्ण राधे कृष्ण

  राधे कृष्णा राधे कृष्णा   कृष्णा कृष्णा राधे राधे   राधे श्याम राधे श्यामा   श्याम श्याम राधे राधे   राधे कृष्णा राधे कृष्णा   कृष्णा कृष्णा राधे राधे   राधे श्याम राधे श्यामा   श्याम श्याम राधे राधे   राधे कृष्णा राधे कृष्णा   कृष्णा कृष्णा राधे राधे   राधे श्याम राधे श्यामा   श्याम श्याम राधे राधे   राधे कृष्णा राधे कृष्णा   कृष्णा कृष्णा राधे राधे   राधे श्याम राधे श्यामा   श्याम श्याम राधे राधे

सांसों की माला पे सिमरू मैं पिया

  🌺 साँसों की माला पे सिमरूँ मैं पिया 🌺 🔆 भजन के बोल (Lyrics) साँसों की माला पे सिमरूँ मैं पिया, नाम सिमरूँ मैं पिया। साँसों की माला पे सिमरूँ मैं पिया॥ मेरे साजन हैं उस पार, मैं मनवा हूँ इस पार। साँसों की माला पे सिमरूँ मैं पिया॥ तुम बिन मोरे नैनन में, कोई सपना न समाये। तेरी यादों के दीपक से, मन मंदिर जगमगाये॥ साँसों की माला पे सिमरूँ मैं पिया, नाम सिमरूँ मैं पिया॥ तेरे चरणों में मेरी दुनिया, तेरे बिना सब सूना। मेरे हर जन्म की पूँजी तू, मेरा तू ही होना॥ साँसों की माला पे सिमरूँ मैं पिया, नाम सिमरूँ मैं पिया॥ --- 🌼 भजन का अर्थ (भावार्थ) “साँसों की माला पे सिमरूँ मैं पिया” → हर श्वास के साथ मैं अपने प्रिय प्रभु (कृष्ण) का नाम जपती हूँ। “मेरे साजन हैं उस पार, मैं मनवा हूँ इस पार” → प्रभु उस पार (आध्यात्मिक लोक में) विराजमान हैं और मेरा मन इस संसार में है, परंतु स्मरण से दूरी मिट जाती है। “तुम बिन मोरे नैनन में, कोई सपना न समाये” → आपके बिना मेरी आँखों में कोई और सपना जगह नहीं पा सकता। “तेरी यादों के दीपक से, मन मंदिर जगमगाये” → आपकी याद ही मेरे हृदय-मंदिर को रोशन करती है। “तेरे च...

कृष्ण भजन lyrics

  🌺 हरी सुंदर कृष्ण मुकुंद 🌺 🔆 Lyrics (भजन के बोल) हरी सुंदर, कृष्ण मुकुंद,   श्याम सुंदर, माधव मुकुंद।   व्रजविहारी गिरिवरधारी,   गोवर्धनधारी गिरिवरधारी।   हरी सुंदर, कृष्ण मुकुंद,   श्याम सुंदर, माधव मुकुंद।   कान्हा ग्वाला माखनचोरा,   बंसीवाला नटवर छबि भोरा।   हरी सुंदर, कृष्ण मुकुंद,   श्याम सुंदर, माधव मुकुंद। --- 🌼 अर्थ (भावार्थ) “हरी सुंदर कृष्ण मुकुंद” → हे भगवान कृष्ण! आप सुंदर, पवित्र और मोक्ष देने वाले हैं। “श्याम सुंदर माधव मुकुंद” → आप श्यामवर्ण, आकर्षक और भक्तों को मुक्ति देने वाले हैं। “व्रजविहारी गिरिवरधारी” → आप व्रजभूमि में विहार करने वाले और गोवर्धन पर्वत उठाने वाले हैं। “कान्हा ग्वाला माखनचोरा” → आप गोपियों के प्रिय ग्वालबाल हैं और माखन चुराने की लीलाओं से सबको आनंदित करते हैं। “बंसीवाला नटवर छबि भोरा” → आपकी बंसी की मधुर तान और आपकी नटवर छवि सबको मोहित करती है। --- 🌟 महत्व यह भजन राधा-कृष्ण की लीलाओं का स्मरण कराता है। इसे गाने से मन में आनंद, प्रेम और भक्ति का संचार ...

मां अम्बे भजन

 🌺 भोर भया दिन चढ़या – माँ अम्बे भजन 🌺 🔆 Lyrics (भजन के बोल) भोर भया दिन चढ़या, मेरी अम्बे तेरा भजन करूँ, माँ तेरा भजन करूँ॥ सुख सम्पत्ति घर में आये, संकट दुख सब मिट जाए। तेरे चरणों में मन रमूँ, माँ तेरा भजन करूँ॥ भोर भया दिन चढ़या, मेरी अम्बे तेरा भजन करूँ, माँ तेरा भजन करूँ॥ तेरे मंदिर की रौनक न्यारी, माँ ज्योत जले अखण्ड हमारी। भक्ति में लीन हो जाऊँ, माँ तेरा भजन करूँ॥ भोर भया दिन चढ़या, मेरी अम्बे तेरा भजन करूँ, माँ तेरा भजन करूँ॥ --- 🌼 भजन का अर्थ (भावार्थ) "भोर भया दिन चढ़या..." → जब नया दिन शुरू होता है, भक्त सबसे पहले माँ अम्बे का स्मरण करता है। "सुख सम्पत्ति घर में आये..." → माँ की भक्ति से घर में सुख-समृद्धि आती है और दुख-संकट दूर हो जाते हैं। "तेरे मंदिर की रौनक न्यारी..." → माँ का मंदिर अद्भुत प्रकाश और भक्ति से भरा है। अखण्ड ज्योति भक्त की श्रद्धा का प्रतीक है। "भक्ति में लीन हो जाऊँ..." → भक्त चाहता है कि उसका मन हमेशा माँ के चरणों में लीन रहे। --- 🌟 महत्व यह भजन सुबह के समय गाया जाता है। इसे गाने से दिन की शुरुआत शांति, भक्ति औ...

मां दुर्गा आरती

 🌺 माँ दुर्गा आरती 🌺 (जय अम्बे गौरी – अर्थ सहित) 🔆 आरती जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी। तुमको निशदिन ध्यावत, हरि ब्रह्मा शिवरी॥ अर्थ: हे माँ अम्बे गौरी! आपकी जय हो। हे श्यामा गौरी! ब्रह्मा, विष्णु और महेश सदा आपका ध्यान करते हैं। --- जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी। तुमको निशदिन ध्यावत, हरि ब्रह्मा शिवरी॥ --- जय अम्बे गौरी… (दोहराव) --- चन्द्रमुखी इमा, गौरी रूप निराला। सिंह पर विराजत, करि त्रिशूल समाला॥ अर्थ: माँ का मुख चन्द्रमा जैसा उज्ज्वल है। वे अद्भुत रूप वाली हैं। सिंह पर विराजमान होकर हाथ में त्रिशूल धारण करती हैं। --- महालक्ष्मीजी तुहिन, महाकाली माता। जग जननी अम्बे, सबकी पालनहारी॥ अर्थ: माँ ही महालक्ष्मी और महाकाली हैं। वे ही जगत की जननी हैं और सबका पालन करने वाली हैं। --- देवी जगत जननी, सुख सम्पत्ति दाता। दुख हरण कर माता, सुख-समृद्धि लाता॥ अर्थ: माँ जगत की जननी हैं। वे सुख और सम्पत्ति देने वाली हैं, दुखों का नाश करती हैं और समृद्धि प्रदान करती हैं। --- जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी। तुमको निशदिन ध्यावत, हरि ब्रह्मा शिवरी॥ अर्थ: फिर से माँ की जय-जयकार की जाती ...

हनुमान चालीसा हिंदी अर्थ सहित

🌺 हनुमान चालीसा – हिन्दी अर्थ सहित 🌺 दोहा श्रीगुरु चरन सरोज रज, निज मन मुकुर सुधारि। बरनऊँ रघुवर बिमल जसु, जो दायक फल चारि॥ अर्थ: गुरु के चरणकमलों की धूलि से अपने मन रूपी दर्पण को स्वच्छ करके मैं श्रीराम के निर्मल यश का वर्णन करता हूँ, जो चारों फलों (धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष) को देने वाला है। बुद्धिहीन तनु जानिके, सुमिरौं पवन-कुमार। बल बुद्धि विद्या देहु मोहिं, हरहु कलेश विकार॥ अर्थ: मैं स्वयं को बुद्धिहीन जानकर पवनपुत्र हनुमान का स्मरण करता हूँ। हे प्रभु! मुझे बल, बुद्धि और विद्या दीजिए और मेरे सारे दुःख और दोष दूर कीजिए। --- चौपाइयाँ (अर्थ सहित) 1. जय हनुमान ज्ञान गुण सागर। जय कपीस तिहुँ लोक उजागर॥ 👉 हनुमान जी ज्ञान और गुणों के सागर हैं। तीनों लोकों में उनकी कीर्ति प्रकट है। 2. राम दूत अतुलित बल धामा। अंजनि-पुत्र पवनसुत नामा॥ 👉 आप श्रीराम के दूत, असीम बल के धाम, अंजनी के पुत्र और पवनसुत कहलाते हैं। 3. महाबीर बिक्रम बजरंगी। कुमति निवार सुमति के संगी॥ 👉 आप महाबली, पराक्रमी और वज्र के समान शरीर वाले हैं। आप बुरी बुद्धि को दूर करके अच्छी बुद्धि के साथी हैं। 4. कंचन बरन बिराज सुबेसा। क...

ऊं जय जगदीश हरे (आरती)

  ✨ पोस्ट  – ॐ जय जगदीश हरे (आरती) Title: ॐ जय जगदीश हरे – आरती Introduction: यह आरती भगवान विष्णु की स्तुति में गाई जाती है। घरों और मंदिरों में संध्या समय यह आरती करना शुभ माना जाता है। Lyrics: ॐ जय जगदीश हरे,   स्वामी जय जगदीश हरे।   भक्त जनों के संकट,   दास जनों के संकट,   क्षण में दूर करे॥ महत्व: इस आरती को गाने से जीवन के संकट दूर होते हैं और घर-परिवार में सुख-समृद्धि आती है।

रघुपति राघव राजा राम

 पोस्ट 1 – रघुपति राघव राजा राम Title: रघुपति राघव राजा राम – लोकप्रिय भजन Introduction: “रघुपति राघव राजा राम” एक प्रसिद्ध भजन है जो सदियों से भक्तों द्वारा गाया जाता है। यह भजन भगवान राम और माता सीता की महिमा का गान करता है और मन को शांति प्रदान करता है। Lyrics: रघुपति राघव राजा राम,   पतित पावन सीता राम।   सीता राम सीता राम,   भज प्यारे तू सीता राम॥ महत्व: यह भजन सत्य, करुणा और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। इसे गाने से मन में शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। ---