भजन शीर्षक: “प्रभु की शरण में”
भजन:
शरण में तेरी, प्रभु मैं आया,
संकट सारे, तू ही मिटाया।
तेरी भक्ति में, मन मेरा रम गया,
प्रभु की छाया में, जीवन संवर गया।
ध्यान लगा कर, नाम तेरा लिया,
दुःख सारे मिटे, सुख का गीत गाया।
तेरी ममता में, सब कुछ पाया,
प्रभु के चरणों में, मैं स्वयं समाया।
दोहराव:
ओ प्रभु, ओ प्रभु, तू ही मेरा सहारा,
तेरी भक्ति में, सब दुःख हो गया न्यारा।
ओ प्रभु, ओ प्रभु, तू ही मेरा सहारा,
तेरी भक्ति में, सब दुःख
हो गया न्यारा।
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