शिव भजन – “भोलेनाथ कर दो पार”
🔱 3. शिव भजन – “भोलेनाथ कर दो पार”
भोलेनाथ कर दो पार,
तेरे बिना कौन है आधार।
कैलाश के राजा दयालु,
सुन लो भक्त की पुकार।
जटा से बहे गंगा निर्मल,
तेरा रूप विशाल।
डमरू की गूंज में बोले,
तेरी महिमा अद्भुत काल।
भस्म लगाए त्रिपुरारी,
तेरे नाम से मिले उजियारी।
ओ भोले शंकर दयालु,
मुझको कर दो तारनहारी।
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